62% ग्रामीण परिवारों तक पहुँचा नल से जल इस रिपोर्ट में पढ़ें- पूरी स्थिति

62% ग्रामीण परिवारों तक पहुँचा नल से जल। फोटो - indiawaterportalflicker

देश में केवल 62% ग्रामीण परिवारों तक नल से पानी पहुंच पाया है  जबकि 38 फीसदी घर सभी तीन मानकों, पूरी तरह से नियमित पानी की आपूर्ति, और गुणवत्ता (पीने योग्य) के सभी तीन मानकों को पूरा करने के मामले में "कार्यक्षमता" स्तर तक पहुंचने में असमर्थ है । जल शक्ति (जल संसाधन) मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी एक आकलन रिपोर्ट के अनुसार, देश में घरेलू नल कनेक्शन की समग्र कार्यक्षमता में 2020-21 आकलन की तुलना में  2021-22 में 14% की वृद्धि हुई है। निष्कर्ष बताते हैं कि पुडुचेरी 88% कार्यक्षमता स्कोर के साथ शीर्ष पर है, उसके बाद तमिलनाडु 86%, हिमाचल प्रदेश 82%, गोवा 81% और तेलंगाना 80% पर है।   

दूसरी ओर,सबसे कम कार्यक्षमता स्कोर वाले स्थानों में केरल, मणिपुर और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह है जहां लगभग  40 फीसदी घरों तक ही पानी का कनेक्शन घरो तक  पहुंच पाया है वही त्रिपुरा 41फीसदी, महाराष्ट्र 43 फीसदी,मध्य प्रदेश 47  फीसदी  के साथ दूसरे, तीसरे, चौथे स्थान पर बने हुए है, पानी की कमी वाले राजस्थान की स्थिति सबसे खराब  है जो 38 प्रतिशत कार्यक्षमता स्कोर के साथ सबसे नीचे पायदान पर है। अन्य राज्य जहां कार्यक्षमता राष्ट्रीय औसत 62% से कम है , उनमें ओडिशा 54 फीसदी, हरियाणा और झारखंड 55 फीसदी, उत्तर प्रदेश 57 फीसदी और कर्नाटक 58 फीसदी शामिल हैं।

62% ग्रामीण परिवारों तक पहुँचा नल से कनेक्शन। फोटो - indiawaterportalflicker

दरअसल पानी की कार्यक्षमता के यह  आकड़े  2,59,151 घरों में किये गए सर्वेक्षण के आधार पर है  जिसमे न्यूनतम 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन के अनुसार घरो में सर्वेक्षण किया गया था। जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत तीसरे पक्ष द्वारा किये गए इस मूल्यांकन का मकसद नियमित रूप से साफ और पर्याप्त पानी  2024  तक भारत के हर घर तक पहुंचाया जा सके।   

 वही पानी को लेकर किये जा रहे सर्वेक्षण के दिन राष्ट्रीय स्तर पर 86 प्रतिशत नल कनेक्शन काम कर रहे थे। जिनमें से पांच में से चार से अधिक (85%) को पर्याप्त मात्रा में, 80% को पूरी तरह से नियमित आपूर्ति मिली और 87% को पीने योग्य पानी मिला। हालांकि, इस सर्वे  में यह भी पाया गया औसतम   62% घरो में नल के पानी का कनेक्शन प्राप्त हुआ है 

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