आखिर क्यों बिना बरसे बादल चले जाते हैं

Author:शिवेंद्र

मानसून के दिनों हमारी निगाहें आसमान में होती हैं| अगर आसमान में हमें थोड़े से भी काले बादल दिखाई देते हैं तो हमारे चेहरे में मुस्कुराहट आ जाती है। कई बार ऐसा होता है कि आसमान में सिर्फ काले ही बादल नजर आते हैं। जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि बस झमाझम बरसात होने वाली है। लेकिन झमझम पानी बरसाने वाले यह बादल कभी बिना बारिश के एकदम गायब हो जाते हैं। और हम यह सोचते रह जाते हैं आखिर ऐसा क्यों हुआ। तो आज हम आपको बताएंगे ऐसा क्यों होता है। दरअसल बरसने वाले बादलों में बहुत ही सूक्ष्म जलकण  मौजूद होते है । ठंडी हवाओं के संपर्क में आ जाने से इन जलकणों का आकार इतना बड़ा हो जाता है कि यह बूंदों का रूप ले लेता है । बूंदे भारी होने के चलते बारिश के रूप में धरती पर गिरने लगती है। इसीलिए जिस जगह  की हवा ठंडी होती है वहां अधिक बारिश होती है। और जहां बादलों के नीचे हवा गर्म होती है वहां बादलों में मौजूद  जलकण फिर से वाष्प में  बदल जाते है। और बादल बिना बरसे चले जाते है। 

इसलिए कहते हैं कि हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए ताकि हमारी धरती हरी भरी रहे और बादल भी खूब बरसे।