अम्बाझोर बहै पुरवाई

Author:घाघ और भड्डरी

अम्बाझोर बहै पुरवाई।
तौ जानौ बरखा ऋतु आई।।


भावार्थ- यदि ग्रीष्म के अन्त में आमों को झकझोर कर गिरा देने वाली पुरवा हवा तेजी से बहे तो समझ लेना चाहिए कि वर्षा ऋतु आने वाली है।

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