अटल भूजल योजना की गाइडलाइन्स

Author:Manisha Shah, Nikita Deshpande
Source:India Water Portal

फोटो - (Image: Water Alternatives, Flickr Commons)

भारत की 85 प्रतिशत ग्रामीण और 50 प्रतिशत शहरी आबादी पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए भूजल का उपयोग करती है। 65 प्रतिशत भूजल का उपयोग सिंचाई के लिए किया जाता है। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र की पानी की जरूरतों को भी भूजल से ही पूरा किया जाता है। पानी के इसी अतिदोहन, अनियमित निष्कर्षण और उपयोग के कारण भूजल स्तर में तेजी से गिरावट आ रही है। भूजल स्तर में गिरावट को रोकने के लिए दिसंबर 2019 में अटल भूजल योजना या अटल जल की शुरूआत की गई थी। ये भारत का अब तक का सबसे बड़ा सामुदायिक नेतृत्व वाला भूजल प्रबंधन कार्यक्रम है।

अटल भूजल योजना को भारत के 7 राज्यों - गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, और उत्तर प्रदेश की 8353 ग्राम पंचायतों में लागू किया जाएगा। इसमें एक चुनौती पद्धति (challenge method) का उपयोग करके ब्लाॅकों का चयन किया गया था। यह कार्यक्रम ‘पी फाॅर आर’ माॅडल (प्रोग्राम फाॅर रिजल्ट) पर आधारित है, जो कार्यक्रम के तहत फंड आवंटन को संचालित करता है। योजना के अंतर्गत 6000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से 50 प्रतिशत शेयर विश्व बैंक का है, यानि 3000 करोड़ का लोन विश्व बैंक से लिया गया है। योजना के अंतर्गत पांच संकेतक (Disbursement Linked Indicators or DLIs) निर्धारित किए गए हैं, जिनके आधार पर ही राज्यों को धनराशि आंवटित की जाएगी, लेकिन ये धनराशि तभी दी जाएगी, जब राज्य भूजल स्तर को बढ़ाने में अपनी उपलब्धियां धरातल पर दिखा पाएंगे। 

अटल भूजल योजना: एक परिचय

अटल भूजल योजना: भूमिकाएं और जिम्मेदारियां

 

अटल भूजल योजना: क्षमता निर्माण

 

अटल भूजल योजना: जिले और ब्लॉक

 

जल शक्ति मंत्रालय की वेबसाइट पर अटल भूजल योजना की विस्तृत गाइडलाइन उपलब्ध है।

 

मूल लेख यहां पढें -  Understanding Atal Bhujal Yojana through the program guidelines