भारी बारिश से डूब गई लाखों की फसलें

Author:देव चौहान
Source:इंडिया हिंदी वाटर पोर्टल

बरसात का मौसम आते ही सबसे ज्यादा चिंता पहाड़ो की होती है क्योंकि तेज़ बारिश से जहां एक तरफ पहाड़ो से भूस्खलन का खतरा लगातार बना रहता है  तो वही रास्ते बंद होना आम हो जाता है । लेकिन इससे सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को उठाना पड़ता है क्योंकि समय से उनकी फसले मंडी पर नही पहुँच  पाती, तो दूसरी और बादल फटने  और जल स्त्रोतों पर पानी बढ़ने से फसले  बर्बाद हो जाती है 

कुछ ऐसा ही नुकसान उत्तराखंड की राजधानी देहरादून जिले के जनजातीय क्षेत्र जौनसार में हुआ। जहाँ  11 और 12 जुलाई को आई तेज़ बारिश ने  किसानों की फसलों को पूरी तरह तबाह कर दिया जिसकी वजह से कई किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है ।किसानों ने अपनी खेतो की वीडियो जब हिंदी वाटर पोर्टल के साथ साझा की तो पता चला कि टमाटर के खेत पूरी तरह बारिश की वजह से मलबे में दब गए है वही मंडवे की फसल भी बर्बाद हो गई। और इन सबसे अधिक  अदरख की फसल  पूरी तरह नष्ट हो गई। 

फसलों के इस नुकसान के लिए कालसी तहसील प्रशासन ने भी संज्ञान लिया और एसडीएम  संगीता कन्नौजिया ने पटवारियों को निर्देश दिए है कि वो मौके पर जाकर फसलों के हुए नुकसान का जायजा ले जिसके बाद मुआवजें  की तैयारी की जाएगी।

वही भारी बारिश  से हुए फसलों के नुकसान पर विभिन्न गांव  के  किसान कहते है कि उनकी साल भर की मेहनत बेकार हो गई बारिश के इस कहर से न सिर्फ फसलों को नुकसान हुआ है बल्कि खेतो में जो मलवा इकट्ठा हुए है उससे भविष्य में किसी दूसरी फसल को लगाने में भी अब किसानों को परेशानी का सामना करना होगा ।

फसलों के इस नुकसान से किसान  मायूस हो गए है। अब वो सरकार से अपनी बाबर्द हुए फसलों के लिये मुआवजें की उम्मीद कर रहें है।

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