चीनी शोधकर्ताओं ने मंगल में ढूंढ लिया पानी

Source:global times

चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (CNSA) द्वारा 11 जून, 2021 को जारी की गई तस्वीर में लैंडिंग प्लेटफॉर्म के साथ चीन के पहले मार्स रोवर ज़ुरोंग की एक सेल्फी दिखाई दे रही है।,फोटो:global times

चीनी शोधकर्ताओं ने देश के ज़ूरोंग रोवर द्वारा एकत्र किए गए डेटा का विश्लेषण करके मंगल ग्रह पर पानी वाले खनिजों का पता लगाया है जो वर्तमान में लाल ग्रह की  सतह पर ट्रेकिंग कर रहा है।

चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज की स्टेट की लेबोरेटरी ऑफ स्पेस वेदर और अकादमी के सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन कम्पेरेटिव प्लैनेटोलॉजी के साथ अनुसंधान दल ने शोधकर्ता लियू यांग के नेतृत्व में  मंगल ग्रह के तलछट और खनिजों पर ज़ुरोंग रोवर  द्वारा जुटाए गए  डेटा  के आधार  पर विश्लेषण किया और निष्कर्ष निकाला कि मंगल ग्रह पर पानी की संभावना हो  सकती  है।  

साइंस जर्नल में विवरण में उनके निष्कर्ष को प्रकाशित किए गया था । जिसमे यह बताया गया है   कि  दुनिया भर में पहली बार चिह्नित किया गया है कि मंगल ग्रह पर पानी वाले खनिजों का पता मार्स रोवर पर शॉर्ट-वेव इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोमीटर द्वारा लगाया गया है।

दरअसल ,15 मई, 2021 को  चीन के तियानवेन -1 मंगल जांच मिशन के तहत ज़ूरोंग रोवर यूटोपिया प्लैनिटिया नामक यान मंगल के उत्तरी गोलार्ध में एक बड़े मैदान में उतरा था।  ज़ूरोंग को लैंडिंग साइट के चक्कर लगाते हुए एक साल हो गए है  और वह मंगल की सतह पर लगभग 2,000 मीटर की दूरी तय कर चुका है।

रोवर के डेटा  से शोधकर्ताओं ने  यह भी पता लगाया  है कि  अरबों साल पहले मंगल कभी गर्म और गीला ग्रह था, लेकिन अचानक सब कुछ बदल गया और यह शुष्क और  रेगिस्तान में तब्दील हो गया। लगभग 3 अरब साल पहले मंगल ने इस अवधि में प्रवेश किया जिसे अमेजोनियन युग कहा जाता है, जो आज भी जारी है।

ज़ूरोंग रोवर के डेटा पर नवीनतम निष्कर्षों ने सुझाव दिया है  कि यहां पानी की गतिविधियाँ एक बार की तुलना में अधिक बार हो सकती हैं और यह कि लैंडिंग साइट खनिजों के रूप में बड़ी मात्रा में पानी जमा कर सकती है । जिसका उपयोग भविष्य में  मानव अन्वेषण के लिए किया जा सकता है।