कोविड महामारी के बावजूद 1,00,275 गांवों को मिल चुके है नल कनेक्शन

Author:अनुवादक/शिवंद्र
Source:विज्ञप्ति जल शक्ति मंत्रालय

 कोविड महामारी के बावजूद 1,00,275 गांवों को मिल चुके है नल कनेक्शन , Source:needpix.com,फोटो

देश मे कोविड महामारीके कारण हुए लॉकडाउन से जहाँ काम धंधे बंद हो गए थे वही जल शक्ति मंत्रालय ने इसके  बावजूद, 71 जिलों, 824 ब्लॉक, 50,309 ग्राम पंचायतों और 1,00,275 गांवों में 'हर घर जल' मिशन शुरू करने के लगभग दो साल बाद प्रत्येक घर में नल कनेक्शन पहुँचा दिये है 
जब पीएम मोदी ने 15 अगस्त, 2019 को इस महत्वाकांक्षी योजना का  शुभारंभ किया था। तो उससे पहले  देश के 18.94 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से केवल 3.23 करोड़ (17 प्रतिशत) के पास नल के पानी के कनेक्शन थे। आज नल से पानी की आपूर्ति 7.72 करोड़ (40.77 फीसदी) घरों तक पहुंच गई है। अब तक  गोवा, तेलंगाना, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और पुडुचेरी के ग्रामीण इलाकों  में  100 प्रतिशत नल से पानी की आपूर्ति  की जा चुकी है 

साल 2024 तक  हर ग्रामीण परिवार को नल का पानी उपलब्ध कराने के इस विशाल लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए  केंद्र  सरकार ने करीब 3.60 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए है। वहीं  2020-21 में राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 11,000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई थी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 2021-22 वर्ष के  लिए फंड आवंटन में चार गुना बढ़ोतरी को मंजूरी दी है, ताकि लक्ष्य को हासिल करने के लिए फंड की कमी ना हो. केवल तीन महीनों में ही  राज्यों और  केंद्रशासित प्रदेशों ने वार्षिक कार्य योजनाओं (AAP) के तहत प्रस्तावित फंड में से  8,891 करोड़ रुपये निकाल लीये है 

ग्रामीण स्थानीय निकायों/पीआरआई को पानी और स्वच्छता के लिए 15वें वित्त आयोग द्वारा  2021-22 में राज्यों को 26,940 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अगले पांच साल यानी 2025-26 तक 1,42,084 करोड़ रुपये आवंटित करने की योजना है  देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों में इस बड़े निवेश से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने के साथ गांवों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

जल जीवन मिशन के तहत पानी की कमी वाले क्षेत्रों, गुणवत्ता प्रभावित गांवों, इच्छुक जिलों, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति बहुल गांवों और सांसद आदर्श ग्राम योजना (एसएजीवाई) वाले  गांवों को नल से पानी पहुंचाने के लिए प्राथमिकता दी जाती है। पिछले 23 महीनों के दौरान, 117 आकांक्षी जिलों में नल के पानी की आपूर्ति चार गुना बढ़कर 7 प्रतिशत से 33 प्रतिशत हो गई है। इसी तरह, जापानी इंसेफेलाइटिस-एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (जेई-आईईएस) से प्रभावित 61 जिलों में 97 लाख से अधिक घरों में नल के पानी की आपूर्ति की गई है। 696 सांसद आदर्श ग्राम योजना और 29,063 SC/ST बहुल गाँव अब 'हर घर जल' बन गए हैं।

मंत्रालय की और से यह भी  जानकारी दी गई  है कि  देश में स्कूलों, आश्रमशालाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को सुरक्षित नल का पानी सुनिश्चित करने के लिए, पीएम मोदी ने 100 दिनों के अभियान की घोषणा की थी. जिसे केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 2 अक्टूबर 2020 को लॉन्च किया था । जिसका परिणाम यह निकला कि हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, गुजरात, आंध्र प्रदेश, गोवा, तमिलनाडु, तेलंगाना, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह जैसे राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने सभी स्कूलों, आश्रमशालाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों में नल से पानी पहुँचाया गया. 

अब तक, देश भर के 6,76,789 स्कूलों (65.7 प्रतिशत) और 6,74,611 (59.8 प्रतिशत) आंगनवाड़ी केंद्रों में  साफ पानी, मिड डे मील, हाथ धोने और शौचालय के लिए उपयोग करने के नल से पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराया गया है।केंद्र सरकार ने राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि कुछ महीनों में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, स्वच्छत के लिए सभी शेष स्कूलों, आश्रमशालाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों में सुरक्षित नल के पानी का प्रावधान किया जाए। 

जल जीवन मिशन के तहत जल गुणवत्ता की निगरानी और उसकी  गतिविधियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।  जिसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह के सदस्य, पीआरआई सदस्य, स्कूल शिक्षक आदि को प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) का उपयोग प्रदूषित पानी के नमूनों के टेस्ट के लिये कर सके। । 

देश भर में 2,015 प्रयोगशालाएं हैं। 195 जल प्रयोगशालाएं मजबूत बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षित तकनीशियनों के साथ एनएबीएल मान्यता प्राप्त है। राज्य जल परीक्षण प्रयोगशालाओं को सुधारने के साथ एनएबीएल मान्यता हासिल कर रहे हैं। ये प्रयोगशालाएं लोगों के लिए खुली रखने का निर्णय लिया गया है  ताकि वे बिना किसी ख़र्चे के  अपने पानी के नमूनों की जांच करा सकें।

वही मत्रांलय  की तरह खा गया है कि राज्यों के साथ साझेदारी में काम करते हुए, जल जीवन मिशन 2024 तक भारत के प्रत्येक ग्रामीण घर में नियमित और लंबे समय तक पर्याप्त मात्रा में गुणवत्ता वाला पानी को  नल से आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे है 

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