धान, पान औ खीरा

Author:घाघ और भड्डरी

धान, पान औ खीरा।
तीनों पानी के कीरा।।


भावार्थ- धान, पान और खीरा ये तीनों पानी के कीड़े हैं। ये पानी के ऊपर ही निर्भर होते है।