दिल्ली प्रदूषण: विशेषज्ञों का कहना है प्रदूषण नियंत्रण में ढील हो सकता है खतरनाक

दिल्ली प्रदूषण:,फोटो-Outlook

विशेषज्ञों ने रविवार को वायु प्रदूषण से निपटने के लिए  हालही में सरकार द्वारा लिए गए फैसले  को समाप्त करने की कड़ी आलोचना की है। विशेषज्ञों  की यह  प्रतिक्रिया ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के अंतिम चरण के बाद समाने आई है, जिसमें ट्रकों को राजधानी में प्रवेश करने से प्रतिबंधित करने के साथ अधिकारियों को दिल्ली-एनसीआर में गैर-बीएस VI डीजल-संचालित हल्के मोटर वाहनों को सड़को से हटाने का आदेश दिया था। कहा जा रहा है कि आज दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय की अध्यक्षता में होने वाली एक उच्च स्तरीय बैठक में प्राथमिक स्कूलों को फिर से खोलने और 50% सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने के निर्देश को रद्द करने का निर्णय लिया जा सकता है।  

वही पर्यावरणविद् विमलेन्दु झा के अनुसार, प्रतिबंधों को बहाल करना समय से पहले शायद किया जा सकता है।  क्योंकि अनुकूल हवा की गति के कारण हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार तो हुआ है लेकिन  कुछ दिनों बाद  यह फिर  "गंभीर" श्रेणी में वापस आ जाएगा।   उन्होंने  कहा, 

"ये घुटनों के बल चलने वाली प्रतिक्रियाएं हैं और इनसे बचना चाहिए। प्रतिबंधों को हटाना जल्दबाजी होगी। सरकार को इसके बजाय स्थिति का विश्लेषण करना चाहिए और प्रतिबंधों को रद्द करने से पहले कुछ समय देना चाहिए क्योंकि यह स्थिति लंबे समय तक रहेगी।" 

पर्यावरणविद् ज्योति पांडे ने उनके साथ सहमति व्यक्त करते हुए दावा किया कि सरकार उत्सर्जन और प्रदूषण के अन्य स्रोतों को कम करने के बजाय आग बुझाने के लिए कार्रवाई कर रही है। वह आगे कहती है

 "हर साल, GRAP आता है और प्रतिबंधों को लागू किया जाता है। GRAP एक अग्निशमन अभ्यास है, मैंने भी  दिल्ली की जहरीली हवा के कारण शहर को छोड़ दिया, लेकिन अपने  दोस्तों और परिवार को इस शहर से छोड़कर जाना बेहद मुश्किल था।  

वही स्कूल में अवकाश होने से माता-पिता खुश नहीं है और उन्होंने सरकार से जरूरी  कार्रवाई करने का आग्रह किया।  क्योंकि स्कूलों को फिर से खोलने का निर्णय आज होने की उम्मीद है। दिल्ली माता-पिता संघ की अध्यक्ष अपराजिता गौतम ने पूछा कि बच्चों को इस अनिश्चितता से कब तक निपटना होगा।

"माता-पिता क्या करेंगे? अगर हवा की गुणवत्ता में सुधार होता है तो मैं अपने बच्चे को स्कूल भेजने के लिए तैयार हूं, लेकिन अब प्रदूषण को रोकने के लिए काम करने के बजाय, सरकार को इसे कम करने के लिए साल भर के उपाय करने चाहिए। उन्होंने कहा हमने  ​हवा की गुणवत्ता गंभीर होने के चलते सरकार से  स्कूल बंद करने का आग्रह किया था। लेकिन ये स्थाई समाधान नहीं है सरकार को जरुरी कार्रवाई करनी होगी।  


वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के एक आदेश में कहा गया है, “दिल्ली का वर्तमान AQI स्तर लगभग 339 है जो लगभग 111 AQI अंक है। जो GRAP स्टेज-IV  जो  दिल्ली AQI> 450 को लागू करने की सीमा से नीचे है और स्टेज-IV तक सभी चरणों के तहत  प्रतिबंधात्मक कार्रवाई चल रही है, जिससे AQI में सुधार होने की  संभावना रहे।  

Latest

भारत में क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस

वायु प्रदूषण कम करने के लिए बिहार बना रहा है नई कार्ययोजना

3.6 अरब लोगों पर पानी का संकट,भारत भी प्रभावित: विश्व मौसम विज्ञान संगठन

अब गंगा में प्रदूषण फैलाना पड़ेगा महंगा!

बीएमसी ने पानी कटौती की घोषणा की; प्रभावित क्षेत्रों की पूरी सूची देखें

देहरादून और हरिद्वार में पानी की सर्वाधिक आवश्यकता:नितेश कुमार झा

भारतीय को मिला संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान

जल दायिनी के कंठ सूखे कैसे मिले बांधों को पानी

मुंबई की दूसरी सबसे बड़ी झील पर बीएमसी ने बनाया मास्टर प्लान

जल संरक्षण को लेकर वर्कशॉप का आयोजन