दो दिवसीय जल संरक्षण,जल गुणवत्ता एवम् स्वास्थ्य स्वच्छता प्रशिक्षण

Author:इंडिया वाटर पोर्टल

दो दिवसीय जल संरक्षण,जल गुणवत्ता एवम् स्वास्थ्य स्वच्छता प्रशिक्षण,Source: महाविद्यालय लोहाघाट,फोटो

उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवम् अनुसंधान केन्द्र (यूसर्क) और  गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण एवम् सतत् विकास संस्थान कोसी कटार मल अल्मोड़ा के सहयोग से 16 मार्च से दो दिवसीय  जल" संरक्षण, जल गुणवत्ता एवम् स्वास्थ्य स्वच्छता" विषय पर स्वामी विवेकानंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविदयालय में जंतु विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया । जिसमें 95 प्रतिभागियों, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया। 

दो दिवसीय जल संरक्षण,जल गुणवत्ता एवम् स्वास्थ्य स्वच्छता प्रशिक्षण,Source: महाविद्यालय लोहाघाट,फोटो

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही महाविद्यालय लोहाघाट की प्राचार्या डॉ संगीता गुप्ता ने अपने संबोधन कहा कि पानी के संरक्षण के लिये छात्रों को जिम्मेदारी उठानी होगी और लोगों को इसके प्रति जागरूक करना होगा। वहीं हिमालयन ग्राम विकास समिति गंगोलीहाट के राजेन्द्र बिष्ट ने भी पर्वतीय जल स्रोतों के पुनर्जीवन करने के विभिन्न कार्यों की जानकारियां साझा की। साथ ही जल स्त्रोतों को बचाने के लिये सामूहिक रूप से मिलकर काम करने का आहवान किया तो  मुख्य अन्वेषक एवम् यूसर्क के वैज्ञानिक डॉ भवतोष शर्मा ने पर्वतीय जल स्रोतों के संरक्षण एवम् संवर्धन की विभिन्न विधियों  रिचार्ज पिट , रिचार्ज साफ्ट, रिचार्ज ट्रेंच ,बुश चेक डैम , परकोलेशन टैंक बनाने और , वर्षा जल संरक्षण तथा वर्षा जल संरक्षण में महिलाओं का योगदान व विद्यार्थी गतिविधि पर विस्तार से  जानकारी दी। 

दो दिवसीय जल संरक्षण,जल गुणवत्ता एवम् स्वास्थ्य स्वच्छता प्रशिक्षण,Source: महाविद्यालय लोहाघाट,फोटो

उत्तराखंड जल संस्थान देहरादून स्थित राज्य स्तरीय जल गुणवत्ता प्रयोग शाला के तकनीकी प्रबंधक डॉ विकास कंडारी और भास्कर पंत की टीम द्वारा  जल गुणवत्ता जांचने के विभिन्न वैज्ञानिक विधियों को प्रयोगात्मक किट के माध्यम से सभी प्रतिभागियों के लिये  प्रशिक्षण शुरू किया। साथ ही प्रतिभागियों के सभी प्रश्नों के  हल भी किये। कार्यक्रम का सचांलन डॉक्टर मनोज कुमार ने किया और कार्यक्रम समन्वयक डॉ धर्मेंद्र राठौड़ ने जल संरक्षण को आज की आवश्यक बताया। 

कार्यक्रम में राजदीप जंग, डॉ तौफीक अहमद, डॉ महेश त्रिपाठी, डॉ अनीता सिंह, डॉ विमला देवी, डॉ एस पी सिंह, डॉ रुचिर जोशी, डॉ अनीता खर्कवाल, डॉ नम्रता दयाल व महाविद्यालय के स्टाफ उपस्थित थे।