गंगा किनारे खुले में शौच करने पर मजबूर है ग्रामीण 

Author:शिवेन्द्र नेगी
Source: रिपोर्ट-अंकित तिवारी

स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर घर में शौचालय बनाने को लेकर  केंद्र  सरकार ने संकल्प लिया था। लेकिन उसके बावजूद देश मे  ऐसे कई गांव है जहाँ आज़तक शौचालय नहीं बन पाया है  ऐसा ही एक उदाहरण उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में छतवा गांव  का है जहाँ  कई घरो में शौचालय नहीं है। और वह खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं।

अपनी इसी पीड़ा को गांव के   80 साल के भगवान दास ने हमारे साथ साझा किया है  भगवानदास कहते हैं कि उन्हें अपने घर से  काफी दूर गंगा नदी के पास खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ता है  क्योंकि आज तक उनके घर में शौचालय नहीं बना है । शौचालय बनाने को लेकर व कई बार अधिकारियों और नेताओं के  चक्कर काट चुके हैं। लेकिन किसी ने भी शौचालय बनाने को लेकर उनकी किसी भी तरह की मदद नहीं की। 

वहीं इसी गांव की महिला प्रेरणा को शौचालय बनाने के लिये सरकारी मदद तो मिली है बावजूद इसके वह उससे संतुष्ट नही है ।  प्रेरणा कहती है उन्हें शौचालय बनाने के लिए सरकारी मदद  मिली वो नाकाफी  है क्योंकि उस मदद से ना ही उनके शौचालय की छत डल सकी ना ही दरवाज़ा।

वह अपनी इस तकलीफ को तमाम अधिकारियों और नेताओं को अवगत करा चूकि है उसके बावूजद उनका शौचालय का कार्य आज भी अधूरा है इसलिए वह खुले में शौच करने में मजबूर है । 

पानी के लिये छतवा गांव के लोग गंगा नदी पर निर्भर है अगर ग्रामीण नदी के पास शौच करते है तो इससे वो ही नही बीमार होंगे बल्कि कई और लोगों को भी बीमार कर सकते है ऐसे में सरकारों को इनकी बात सुननी चाहिए और उनकी मदद करने के लिए आगे आना चाहिए।