हिमालय में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर एकदिवसीय कार्यशाला

Author:इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)

दिनांक- 15 सितम्बर 2018,
स्थान - मसीही ध्यान केन्द्र, राजपुर, देहरादून
समय - 10-05 बजे तक
दिन - शनिवार

विषय - उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर अध्ययन रिपोर्ट के प्रस्तुतिकरण एवं एक दिवसीय कार्यशाला हेतु सादर निमंत्रण


माउंटेन फोरम हिमालय (mountain forum himalayas - MFH) विगत पन्द्रह वर्षों से पर्वतीय राज्य उत्तराखण्ड और हिमाचल में स्थानीय स्वशासन में महिलाओं, वंचित वर्ग और आमजन की भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से स्थानीय समुदाय, ग्राम स्तरीय संगठन, स्वयंसेवी संगठन के साथ ही सरकार के भी सहयोग ले रही है। एम.एफ.एच. द्वारा समय-समय पर पंचायत प्रतिनिधियों का क्षमता का विकास, पंचायतों का सूक्ष्म नियोजन एवं चुनाव पूर्व मतदाता जागरुकता अभियान जैसी गतिविधियों के माध्यम से राज्य की पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने का कार्य पिछले काफी सालों से किया जाता रहा है।

जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर हिमालय में बसे राज्यों में एम.एफ.एच. स्थानीय संगठनों, पंचायतों और पर्वतीय समुदाय के साथ मिलकर जागरुकता एवं अनुकूलन के स्तर पर हस्तक्षेप भी कर रहा है। माउंटेन फोरम हिमालय द्वारा उत्तराखण्ड और हिमाचल के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझने के लिये ग्राम स्तर पर स्वैच्छिक संगठनों के साथ मिलकर अध्ययन किया गया है। इस अध्ययन में उच्च हिमालयी क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों, कृषि, स्थानीय जन जीवन और मौसम में जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले बदलावों के साथ ही उनके न्यूनिकरण व अनुकूलन के उपायों को समझने का प्रयास भी किया गया है।

जलवायु परिवर्तन के प्रभाव अध्ययन को सम्बन्धित विभागों, पंचायतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और इस विषय पर कार्य करने वाले संगठनों के साथ साझा करने के लिये 15 सितम्बर 2018 को प्रात: 10 बजे से मसीही ध्यान केन्द्र, राजपुर देहरादून में एक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

उत्तराखण्ड राज्य में वन विभाग जलवायु परिवर्तन की नोडल एजेंसी है और इस अध्ययन में वन विभाग के सुझाव एवं मार्गदर्शन आवश्यक है। इस कार्यशाला में जलवायु परिवर्तन के न्यूनिकरण एवं अनुकूलन के साझा प्रयासों के लिये रणनीति और कार्यक्रम पर भी चर्चा की जाएगी। जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना के निर्माण में वन विभाग की मुख्य भूमिका है।

एम.एफ.एच. अपने सहयोगी सगठनों के साथ वन विभाग द्वारा जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर किये जा रहे प्रयासों को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है।

भवदीय
अरण्य रंजन
महासचिव

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