IIT-कानपुर के शोधकर्ताओं ने पानी साफ करने वाला सबसे सस्ता उपकरण बनाया

सबसे सस्ता उपकरण,Source:logical india

मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी)  के सहयोग से, आईआईटी-कानपुर के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा उपकरण विकसित किया है जो कठोर धातु के घटकों का पता लगाकर पानी को शुद्ध करने और पीने के लिए सुरक्षित बनाने में मदद कर सकता है। यह डिवाइस ₹2 प्रति लीटर की कम लागत पर दूषित मुक्त आर्गेनिक पानी का उत्पादन कर सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस उपकरण का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में किया जा सकता है जहां पानी की गुणवत्ता के लिए  परीक्षण सुविधाएं सीमित हैं।

डिवाइस के बारे में विस्तार से बताते हुए पृथ्वी विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर इंद्र शेखर सेन ने कहा, " यह एक लीटर क्षमता की एक छोटी सी बोतल है जिसके अंदर एक आयन-विनिमय राल तंत्र काम कर रहा है। जो पानी को साफ़ करता है   उन्होंने आगे कहा कि रेज़िन (एक गाढ़ा, चिपचिपा पदार्थ जो कुछ पेड़ों द्वारा निर्मित होता है और जो एकत्र होने के बाद पीला और कठोर हो जाता है)  एक तंत्र के माध्यम से इसमें मिश्रित भारी धातु प्रदूषकों को अवशोषित करता है और पानी को इससे मुक्त कर इसे साफ़ बना देता है ।

वही इस नई  खोज को लेकर  IIT-कानपुर के निदेशक, प्रोफेसर अभय करंदीकर ने कहा, "यह उपकरण पानी की गुणवत्ता की निगरानी और शुद्धिकरण के मामले में क्रांतिकारी होगा। स्वच्छ जल संसाधनों की समस्या को दूर करने के लिए यह एक बहुत ही सामयिक और सर्वोत्कृष्ट उपकरण है। " डिवाइस को आयन-एक्सचेंजिंग रेजिन के मौजूदा ज्ञान का उपयोग करके विकसित किया गया था। ये रेजिन पॉलिमर के दानेदार माइक्रोबीड्स हैं जो रासायनिक प्रतिक्रियाओं के दौरान आयनों के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करते हैं।

 भारत में भूजल,जिससे स्वच्छ और पर्याप्त सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति करना एक बड़ी चुनौती है,क्योंकि इसमें तकनीकी सहायता के साथ-साथ कई सरकारी एजेंसियों  और हितधारकों के प्रयास शामिल हैं।

IIT-कानपुर के शोधकर्ताओं ने कहा है कि इस उपकरण का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में किया जा सकता है, जहां पानी की गुणवत्ता  परीक्षण सुविधाएं ₹2 की कम लागत पर सीमित हैं।  

 वही एमआईटी में माइक्रोफ्लुइडिक्स और नैनोफ्लुइडिक्स रिसर्च के प्रमुख रोहित कार्णिक ने कहा, "यह उपकरण उच्च संवेदनशीलता और आत्मविश्वास के साथ पानी  को ट्रेस कर दूषित पदार्थों का पता लगाने और  प्रौद्योगिकियों की कमी को दूर करने के लिए बनाया गया है   ।

" उन्होंने आगे कहा कि यह उपकरण पानी में दूषित पदार्थों  को तो निकालेगा ही साथ शुष्क अवस्था में भी आसानी से काम करेगा। अपनी वर्तमान स्थिति में, उपकरण पानी की कठोरता की गणना कर सकता है, साथ ही कैडमियम, सीसा, क्रोमियम और मैंगनीज जैसे प्रदूषकों को भी निर्धारित कर सकता है"।