जब सैल खटाखट बाजै

Author:घाघ और भड्डरी

जब सैल खटाखट बाजै।
तब चना खूब ही गाजै।।


शब्दार्थ- सैल-हल के किनारे पर लगाई जाने वाली खूँटी।

भावार्थ- जिस खेत में ढेले अधिक हों और जुताई के समय बैलों के जुए की सैल खट-खट बजती रहे, उस खेत में चने की अच्छी पैदावार होगी।