जलवायु

Author:admin
उत्तर में हिमालय पर्वत की विशाल पर्वतमालाओं और उनके वुजारोधों तथा दक्षिण में महासागर की मौजूदगी भारत की जलवायु पर सक्रिय दो प्रमुख प्रभाव हैं। पहला प्रभाव केन्द्रीय एशिया से आने वाले शीत बयारों के प्रभाव को अवेद्य रूप से रोकता है और इस उप-महाद्वीप को उष्णकटिबन्धीय प्रकार की जलवायु के तत्व प्रदान करता है। दूसरा प्रभाव भारत पहुचंने वाली शीतल नमी-धारक बयारों का स्रोत है और वह महासागरीय प्रकृति की जलवायु के तत्व उपलब्ध कराता है।

भारत की जलवायु में अत्यधिक विविधता और कोटियां हैं और यहां तक कि वैविध्यपूर्ण जलवायु स्थितियां कहीं अधिक संख्या में है। यहां की जलवायु महाद्वीपी से लेकर समुद्री, अत्यधिक गर्मी से लेकर अत्यधिक ठण्डी, अत्यधिक सूखे और नाममात्र की वर्षा से लेकर अत्यधिक नमी और भीषण वर्षा तक की विविधताएं लिए रहती है। इसलिए किसी विशेष प्रकार की जलवायु की मौजूदगी को लेकर किसी भी प्रकार के सामान्यीकरण से बचना जरूरी है। जलवायु स्थितियां देश में जल संसाधनों के प्रयोग को बहुत सीमा तक प्रभावित करती हैं।

Latest

मिलिए 12 हज़ार गायों को बचाने वाले गौरक्षक से

स्वस्थ गंगा: अविरल गंगा: निर्मल गंगा

पीएम मोदी का बचपन जहाँ गुजरा कभी वहां था सूखा आज बदल गई पूरी तस्वीर 

वायु प्रदूषण के सटीक आकलन और विश्लेषण के लिए नया मॉडल

गंगा का पानी प्लास्टिक और माइक्रोप्लास्टिक से प्रदूषित, अध्ययन में पता चला

शेरनी:पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण पर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास

जलवायु परिवर्तन के संकट से कैसे लड़ रहे है पहाड़ के किसान

यूसर्क द्वारा “वाटर एजुकेशन लेक्चर सीरीज” के अंतर्गत “जल स्रोत प्रबंधन के सफल प्रयास पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन

वर्ल्ड एक्वा कांग्रेस 15वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

कोविड-19 के जोखिम को बढ़ा सकता है जंगल की आग से निकला धुआं: अध्ययन