जिस गांव में एसडीएम से लेकर कमिश्नर तक का है घर वहाँ पानी ने पैदा कर दी सबसे बड़ी समस्या

Author:अंकित तिवारी

गांव में जलभराव, फोटो-Hindiwaterportal

जनपद प्रयागराज जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर और तहसील मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पे गंगा के किनारे पर बसा मद्रा मुकुंदपुर गाँव है जहाँ आधे गाँव के घरो का पानी सड़को पर जमा हो जाता है ग्रामीण बताते है की पहले यहाँ एक पुलिया हुआ करती थी  जिसके माध्यम से ये गंदा पानी नालियों में बहकर आगे निकल जाता था और बरसात के पानी की निकासी भी इसी तरह पुलिया से होते हुए नाली में  चले जाती थी लेकिन पिछले करीब एक महीने से पुलिया और नाली दोनों को पाट दिया गया जिसकी वजह से सभी घरो का गंदा  पानी अब सड़को पर बह रहा है और कही कही ये जमा हो जाता है जिससे सड़क  पर जलभराव हो गया है  जलभराव के कारण लोगो के घरो में सीलन भी घर कर चुकी है ,वही पैदल चलने वाले लोगो को भी इससे कई समस्या का सामना करना पड़ रहा है।  

वही  एक और सबसे बड़ी समस्या जो फिलहाल गाववासियो के सामने है वो डेंगू के खतरे की है  क्योकि  डेंगू का प्रकोप इस वक़्त अपने चरम पर है,  जलभराव की स्तिथि से  सबसे ज्यादा खतरा डेंगू बना रहता है स्थानीय निवासियों के साथ-साथ यहाँ जानवरो को भी इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है.  इस पूरे  मामले को लेकर जब गांव प्रधान से बात कि  गई तो  प्रधान ने कहा की पानी को सोखने के लिए कुछ व्यवस्था बनाई जाएगी इसके लिए सोख्ता का निर्माण किया जाएगा। लेकिन गांव में    सोख्ता के निर्माण के लिए जमीन नहीं है  वही  गांव के प्रधान ने  लोगो को काम से काम  पानी का इस्तेमाल  करने की हिदायत दी  है 

ग्रामीणों से जब इस  सिलसिले में बात की गई तो उन्होंने कहा की प्रधान ने कभी मौके पर आकर इस समस्या को कभी नहीं देखा है ऐसे में उनकी हिदायत कोई मांयने नहीं रखती है।  पिछले कुछ दिन पहले  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल भराव की समस्या को लेकर  सभी विभागों को आदेश दिया था कि  जल्द से जल्द इस समस्या से लोगो को निजात दिलाये जाये ऐसे में बड़ा सवाल यह है की जिस गांव में SDM से लेकर कमिश्नर तक बड़े- बड़े  अधिकारी रहते  है उस गांव में ऐसी समस्या क्यों  है इसके लिए जिम्मेदार कौन है ?

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीडबल्यूडी  की सड़क और खेतो के बीच जो आबादी वाली जमीन है उस पर सोख्ता बनाया जजए  जिससे की जल्द ग्रामीणों को इस समस्या से निजात मिल सके और कोई इस गंदे पानी की वजह से बीमारी और डेंगू की चपेट में न आये। वही प्रशासन की और से इस समस्या का निवार्ण करने का आश्वासन दिया गया है  लेकिन ग्रामीण,  विभाग को और दिन नहीं देने के लिए तैयार नही है और देरी  पर बड़े आंदोलन की चेतवानी दी है।

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