कैसे होगी यमुना साफ

Author:यू-ट्यूब
Source:यू-ट्यूब

यमुना के पानी को निर्मल बनाने के नाम पर बार-बार करोड़ों रुपए पानी में बहाने के बावजूद उसका प्रदूषण कम होने की बजाए बढ़ता ही जा रहा है। यमुना नदी को साफ करने के लिए पिछले 14 सालों में दिल्ली सरकार भी कोई ठोस योजना नहीं बना पाई है। आलम यह है कि दिल्ली जल बोर्ड के 20 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की क्षमता तो 544 एमजीडी की है , लेकिन इन प्लांटों में 350 एमजीडी ही गंदा पानी साफ हो पा रहा है। जल बोर्ड के अधिकारी भी इस तथ्य को स्वीकार करते हैं। दूसरी ओर पानी के क्षेत्र में काम करने वाली गैर सरकारी संस्थाओं ने इन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की क्वॉलिटी पर सवाल खड़े किए हैं। राजधानी में 20 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों में से 16 प्लांट किसी ना किसी रूप में प्राइवेट कंपनियां चला रही हैं और सबसे ज्यादा हालत इन्हीं प्लांटों की खराब है। उद्योगों से निकलने वाला प्रदूषित पानी नालों के जरिए सीधे यमुना में छोड़ा जा रहा है।

Latest

भारत में 2030 तक 70 फीसदी कॉमर्शियल गाड़ियां होंगी इलेक्ट्रिक

राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन की कार्यकारिणी में पास हुआ प्रकृति केंद्रित विकास का प्रस्ताव

भारतीय नदियों का भाग्य संकट में

गंगा बेसिन में बाढ़ की घटनाओं में वृद्धि

"रिसेंट एडवांसेज इन वॉटर क्वॉलिटी एनालिसिस"पर ऑनलाइन आयोजन

स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्तराखण्ड और इंदौर इस बार भी अव्वल कैसे

यूसर्क देहरादून ने चमन लाल महाविद्यालय में एक दिवसीय ऑनलाइन राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया

प्राकृतिक नाले को बचाने का अनोखा प्रयास

यमुना हमारे सीवेज से ही दिख रही है, नाले बंद कर देंगे तो वो नजर नहीं आएगी

29 लाख कृषकों को मिलेगा सरयू नहर परियोजना का लाभ