कलिजुग में दो भगत हैं

Author:घाघ और भड्डरी

कलिजुग में दो भगत हैं, बैरागी औ ऊँट।
वै तुलसी बन काटहीं, ये किये पीपर ठूँठ।।


भावार्थ- घाघ व्यंग्यात्मक रूप में कहते हैं कि कलियुग में दो ही भक्त हैं- एक बैरागी, दूसरा ऊँट। बैरागी तुलसी का वन काटता रहता है और ऊँट पीपल को ठूँठा करता रहता है।