लुप्त हो रही हेवल नदी को बचाने में लगे एक आईएफएस अधिकारी

Author:ध्रुव मिश्रा

सुरकुंडा देवी मंदिर समुद्र तल से 2759 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पुजार गांव हेवल नदी का जलग्रहण क्षेत्र है। यहीं से नदी 49.2 किलोमीटर का सफर तय कर शिवपुरी में घड़ीसेरा नामक तोक के पास गंगा नदी में मिल जाती है।  नवापानी धारा, पुजारखोली धारा, अंधियारी धारा, चारी धारा, साज धारा, मुंडलखिल धारा, संग्राणी धारा, पानीकोट धारा, बेलापानी धारा, पीपलपानी धारा, खागसी धारा, बुरांसखली धारा, कोडीखाला धारा, तोरियाडा धारा, चोपिड़िया धारा, भैंसखोली धारा एंव काखेला धारा आदि से हेवल नदी को जल उपलब्ध कराते हैं। तो वहीं खुरेत गाड़, गजंर खाला, अंधियारी खाला, पुजाल्डी गाड़, स्वारी गाड़, नागनी गाड़, उदखंडा गाड़, नौर बसौई गाड़, बागी गाड़, मठियानगांव गाड़ आदि के माध्यम से बहकर टिहरी जिले में एक महत्वपूर्ण नदी के रूप में बहती है।

 

इसके फलस्वरूप यहाँ पर आबादी काफी तेजी से बढ़ी है, जबकि हेवल नदी का पानी बड़ी तेजी से घटा है। जिस कारण जो किसान हर साल चार फसल लेते थे, वें अब साल में दो ही फसल ले पा रहे हैं।