मास ऋष्य जो तीज अँध्यारी

Author:घाघ और भड्डरी

मास ऋष्य जो तीज अँध्यारी, लेहु जोतिसी ताहि विचारी।
तिहि नक्षत्र जो पूरनमासी, निहचै चन्द्रगहन उपजासी।।


भावार्थ- महीने की कृष्ण पक्ष की तृतीया को कौन सा नक्षत्र है ज्योतिष से इसका विचार कर लेना चाहिए। यदि उसी नक्षत्र में पूर्णिमा पड़े तो निश्चय ही चन्द्र ग्रहण होगा।