मरुस्थल या रेगिस्तान (Desert)

Org नाम मरुस्थल या रेगिस्तान (Desert)

वह बीरान क्षेत्र जहाँ नमी (आर्द्रता) के अभाव में वनस्पतियों का विकास नहीं हो पाता है यद्यपि यत्र-तत्र छोटी घासें तथा छोटी-छोटी झाड़ियां पायी जा सकती हैं। भूमि की सतह के अनुसार मरुस्थलों को चट्टानी, पथरीला तथा रेतीला कई वर्गों में रखा जा सकता है। तेज पवनों के अपरदन से निर्मित नग्न शैलों वाले मरुस्थल को चट्टानी मरुस्थल (rock desert) कहते हैं। अपक्षय के कारण शैल विखंडन से प्राप्त शैल खंडों (कंकड़-पत्थर) से आच्छादित धरातल वाले मरुस्थल को पथरीला मरुस्थल (stony desert) कहा जाता है। इसमें छोटे आकार के शैलचूर्ण पवनों द्वारा उड़ा लिए जाते हैं और बड़े-बड़े शिलाखंड अपने स्थान पर पड़े रह जाते हैं। बालू या रेत के जमावों से निर्मित असमान धरातल वाले मरुस्थलों को रेतीला मरुस्थल (sand desert) कहते हैं। इनके ऊपर विभिन्न आकार-प्रकार के बालुका स्तूप पाये जाते हैं।

वनस्पति विहीन मरुस्थलों को जलवायु कटिबंधों के अनुसार तीन वर्गों में विभक्त किया जाता है-
1. उष्ण मरुस्थल (निम्न अक्षांशों में) जैसे सहारा, अरब, थार मरुस्थल आदि। 2. शीतोष्ण मरुस्थल (मध्य अक्षांशों में) जैसे गोबी और तुर्किस्तान के मरुस्थल। 3. शीत मरुस्थल (उच्च अक्षांशों में) जैसे ग्रीनलैंड, अंटार्कटिका जो सदैव हिमाच्छादित रहते हैं।