मेकांग नदी में मिली दुनिया की सबसे बड़ी मछली

कंबोडिया के मेकांग नदी में लगभग 300 किलो की स्टिंग रे मछली पकड़ी गई है।जिसे शार्क का दूर का रिश्तेदार कहा जाता है।इस मछली का वजन एक बड़े वजनदार भालू के समान है। यह मछली बेहद खतरनाक बताई जा रही है। क्योंकि इसका संबंध 2006 में जाने माने जूलॉजिस्ट स्टीव इरविन की मौत से  जोड़ा जा रहा है।बताया जा रहा है कि स्टीव इरविन की मौत एक बड़ी मछली के काटने से हुई थी। मछली के काटने से स्टीव को हार्ट अटैक आया और लगभग 1 घंटे बाद उनकी मौत हो गई। ऐसे में यह अनुमान लागाया जा रहा है कि स्टीव को इसी विशालकाय मछली ने काटा होगा।

पकड़ी गई स्टिंग रे मछली ने विश्व रिकॉर्ड बनाया है और उसने 2005 में थाईलैंड के मेकांग नदी से पकड़ी गई विशालकाय कैटफिश को पीछे छोड़ दिया है।  फ्रेश पानी में पकड़ी गई कैटफिश का वजन स्टिंग रे से करीब 6 किलो कम है। वंडर्स ऑफ मेकॉन्ग नाम के एक कंजर्वेशन प्रोजेक्ट के बायोलॉजिस्ट जेब होगन ने बीबीसी को बताया है कि पिछले 20 सालों में छह महाद्वीपों की नदियों और झीलों में शोध करने के बाद हमने यह पाया है कि यह मछली ताजा पानी में पाए जाने वाली अब तक कि सबसे बड़ी मछली है। जिसे अब दुनिया में डॉक्यूमेंट किया गया है।

एक स्थानीय मछुआरे द्वारा 13 जून को इसे पकड़ा था। जिसका वजन करीब 300 किलो है और लम्बाई लगभग 13 फीट और चौड़ाई 7 फ़ीट है। इससे  पहले  मई में दूसरी स्टिंग रे मछली को भी पकड़ा गया था ।  जिसका वजन 180 किलो के आसपास था जिसकी जांच कर नदी में छोड़ दिया गया था ।।

वही नेवादा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉक्टर हेगन का कहना है कि वर्तमान में जिस तरह से मेकांग नदी चुनौतियों से जूझ रही है उसमें इतनी बड़ी मछली का मिलना वाकई में एक सकारात्मक संकेत  है। बता दे जैव विविधता से समृद्ध मेकांग तिब्बत के पठार से चीन, म्यांमार, थाईलैंड, लाओस, कंबोडिया और वियतनाम तक बहती  है जो इस समय अत्यधिक मछली पकड़ने, बांधों और प्रदूषण के कारण खतरे में पड़ गई है।