नदियां कचरा ढोने का साधन नहीं हैं : अनिल माधव दवे

Author:राज्यसभा टीवी
Source:राज्यसभा टीवी

'भारत की सभी नदियां गंगा परिवार की नदी हैं इन सारी नदियों के स्वास्थ्य का विचार करना जरूरी है। नदी को समग्रता से समझने की जरूरत है। नदी कोई दो किनारे के बीच बहने वाला जल नहीं है वह अपने संपूर्ण जल ग्रहण के साथ एक इकाई है, जो उसका कैचमेंट एरिया है उस कैचमेंट एरिया और जलग्रहण के साथ एक इकाई है। लोग आजकल नदी को वाटरबॉडी के नाम से पुकारते हैं।नदी वाटरबॉडी नहीं यह एक जीवित इकाई है। हमारी संस्कृति नदियों के किनारे ही पनपी है अगर हम नदी के साथ अच्छा व्यवहार करते हैं तो हमें आशीर्वाद देती है और गलत व्यवहार करें तो हमें दंड देती है। हमने आज भारत की सारी नदियों को सूखा या प्रदूषित कर दिए हैं जिन नदियों को हम सूखा सकते थे उसे हमने सूखा दिया है और जिन नदियों को हम सूखा नहीं सकते थे उसे कचरा ढोने का साधन बना दिया है। आज गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र आदि नदियां कचरा ढोने के अलावा कुछ भी नहीं है।'यमुना मुक्ति पदयात्रा के समय भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनिल माधव दवे का राज्यसभा में दिया गया बयान।

Latest

जनमैत्री संगठन ने की हलद्वानी की रामगाड़ नदी अध्ययन यात्रा 

सीतापुर और हरदोई के 36 गांव मिलाकर हो रहा है ‘नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद’ गठन  

कुकरेल नदी संरक्षण अभियान : नाले को फिर नदी बनाने की जिद

खारा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

कैसे प्रदूषण से किसी देश की अर्थव्यवस्था हो सकती है तबाह

भारत में क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस

वायु प्रदूषण कम करने के लिए बिहार बना रहा है नई कार्ययोजना

3.6 अरब लोगों पर पानी का संकट,भारत भी प्रभावित: विश्व मौसम विज्ञान संगठन

अब गंगा में प्रदूषण फैलाना पड़ेगा महंगा!

बीएमसी ने पानी कटौती की घोषणा की; प्रभावित क्षेत्रों की पूरी सूची देखें