प्लानिंग कमीशन में इंटर्नशिप के लिए लगी लाइन

Author:योगिमा सेठ शर्मा/धीरज तिवारी
Source:नवभारत टाइम्स, 11 जून 2013
मल्टी-नेशनल कंपनियों की तर्ज पर अब प्लानिंग कमीशन भी ग्रेजुएट्स और अंडर-ग्रेजुएट्स को इंटर्नशिप करा रहा है। हालांकि, फाइनैंस मिनिस्ट्री या प्लानिंग कमीशन में ट्रेनिंग का आइडिया नया नहीं है, लेकिन हाल में यहां ट्रेनिंग लेने वालों की दिलचस्पी बढ़ी है। खासतौर पर वर्ल्ड बैंक या संयुक्त राष्ट्र में जॉब की हसरत रखने वाले यहां ट्रेनिंग करना चाहते हैं। दरअसल, ऐसे कैंडिडेट्स के सरकारी संस्थानों में काम करने से उन्हें पॉलिसी मेकिंग के बारे में आइडिया मिल जाता है।

प्लानिंग कमीशन के सूत्रों के मुताबिक, इस साल अप्रैल से अब तक आयोग को समर इंटर्नशिप के लिए हर महीने तकरीबन 150 एप्लिकेशंस मिल रही हैं। यहां अप्रैल-अगस्त में समर इंटर्नशिप होती है। यह इंटर्नशिप आमतौर पर दो महीने की होती है, लेकिन प्रॉजेक्ट की जरूरत के हिसाब से इसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है। यह न सिर्फ स्टूडेंट्स बल्कि पॉलिसी बनाने वालों के लिए भी फायदेमंद है।

प्लानिंग कमीशन के एक सीनियर मेंबर ने बताया, 'हालांकि, अब तक हम सिर्फ 51 लोगों को ले पाए हैं, लेकिन इसमें और बढ़ोतरी हो सकती है। दरअसल, स्टूडेंट्स की मेरिट के आधार पर हम भर्ती जारी रखेंगे।' पिछले साल प्लानिंग कमीशन में इंटर्नशिप करने वाले स्टूडेंट्स की तादाद महज 10 थी। फाइनैंस मिनिस्ट्री ने भी इकनॉमिक अफेयर्स, फाइनैंशल सर्विसेज ऐंड डिसइन्वेस्टमेंट समेत सभी विभागों में इंटर्न रखे हैं। इनमें से ज्यादातर को 6 महीने के लिए चुना गया है। इस साल, डिपार्टमेंट ऑफ इकनॉमिक अफेयर्स से 15 कैंडिडेट्स को चुना है। वहीं, फाइनैंशल सर्विसेज और डिसइन्वेस्टमेंट डिपार्टमेंट ने क्रमश: 6-6 इंटर्न्स की भर्ती की है। ये इंटर्न आमतौर पर इकनॉमिक और मैनेजमेंट संस्थानों से आते हैं।

फाइनैंस मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने बताया, 'शानदार ऐकडेमिक बैकग्राउंड वाले ये यंग स्कॉलर नए आइडिया पेश करेंगे और डिपार्टमेंट को चीजों का विश्लेषण कर सुधार के कदम उठाने में मदद करेंगे।' आईआईटी दिल्ली में केमिकल इंजिनियरिंग स्टूडेंट सुरभि गर्ग ने दो महीने की इंटर्नशिप के लिए प्लैनिंग कमिशन को जॉइन किया है। उन्होंने बताया, 'मेरा इंजिनियरिंग का बैकग्राउंड है, लेकिन मैं फाइनैंशल कंसल्टेंसी का काम करना चाहती हूं। मुझे लगता है कि यहां इंटर्नशिप से मुझे देश की पॉलिसी-मेकिंग को समझने में मदद मिलेगी।'

इसी तरह, दिल्ली यूनिवर्सिटी की इकनॉमिक्स ग्रेजुएट श्रेया सेठी ने भी इस साल प्लैनिंग कमिशन में इंटर्नशिप करने का फैसला किया है। उन्हें उम्मीद है कि इंटर्नशिप के जरिए उन्हें यूएनडीपी में जॉब मिल जाएगी या फिर वह इंडियन इकनॉमिक सर्विसेज में करियर बनाने में सफल होंगी। प्लानिंग कमीशन और फाइनैंस मिनिस्ट्री दोनों जगहों पर इंटर्नशिप करने वाली श्रुति चौधरी फिलहाल केपीएमजी के लिए काम कर रही हैं।