प्रदूषण के कारण घट रही है पोलर बीयर की प्रजनन क्षमता

Author:अमर उजाला कॉम्पैक्ट
Source:अमर उजाला कॉम्पैक्ट, 09 नवंबर 2010

प्रदूषण ने प्रकृति के मनमोहक स्वरूप को पूरी तरह बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इस कड़ी में अब यह बात सामने आयी है कि ऑर्गेनोहेलोजेन कंपाउंड्स (ओएचसी) नामक प्रदूषक तत्व धुव्रीय भालूओं (नर-मादा) के ऑर्गन साइज को कम कर रही है। यह रिसर्च इनवायरनमेंट साइंस एंड टेक्नोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुई है। ओएचसी में डाइऑक्सिन, पोलीक्लोरिनेटेड बाइफेनल्स और अन्य कीटनाशक दवाईयां शामिल है।

रिसर्चरों ने पूर्वी ग्रीनलैंड में 55 नरों और 44 मादाओं के आर्गन साइज और बॉडी टिश्यू के आपसी संबंध को जांच का आधार बनाया। अध्ययन में शोधकर्ताओं की आशंका सच साबित हुई। सामान्यतः धु्रवीय भालूओं को आहार में सील मछलियां दिया जाता है। मछलियों के ग्लबर में ओएसची की मात्रा होती है। स्वभाविक रूप से मछलियां खाने पर ओएचसी पोलर बीयर के शरीर में जमा होना शुरू हो जाता है। ओएचसी के कारण नर और मादा दोनों पोलर बीयर की सेक्स क्षमता पर नकारात्मक असर देखने को मिला। इसके अलावा मादा भालूओं की यूटेरस, टेस्टिस और पेनिस बोन की साइज कम हो गई।