पूस मास दसमी अँधियारी

Author:घाघ और भड्डरी

पूस मास दसमी अँधियारी, बदली घोर होय कजरारी।
सावन बदि दसमी के दिवसे, भरे मेघ चारों दिसि बरसे।।


शब्दार्थ- बदि – बदी। कृष्ण पक्ष।

भावार्थ- यदि पौष मास के कृष्णपक्ष की दशमी को आकाश में काली घटायें छाई हों तो निश्चय ही श्रावण कृष्ण दशमी को चारों ओर वर्षा होगी।