फ्लोराइड के साथ जीने को मजबूर आगरा के गाँव

Author:लोकसभा टीवी
Source:लोकसभा टीवी




‘जिन्दगी क्या किसी मुफलिस की कबा है, जिसमें हर घड़ी दर्द के पैबन्द लगे होते हैं।’ मशहूर शायर फैज अहमद फैज ने ये पंक्तियाँ किन हालातों में लिखी होगी पता नहीं। लेकिन ताज नगरी आगरा से 20-25 किमी. दूर गाँव पचगाँय में बसे लोगों की जिन्दगी सचमुच उस गरीब के कबा या कपड़ों जैसी है जिनमें हर पल दर्द के पैबन्द लगाए जाते हैं। लगभग 4000 किमी. क्षेत्रफल में फैला उत्तर प्रदेश का आगरा, चार जिलों धौलपुर, मथुरा फिरोजाबाद और भरतपुर से घिरा हुआ है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार यहाँ की आबादी लगभग 44 लाख है। आगरा विश्व प्रसिद्ध ताज महल के साथ ही दूसरी तारीखी इमारतों के लिये मशहूर है। लेकिन फ्लोराइड का कहर इसकी लोकप्रियता में सेंध लगा रहा है। आगरा के एक दर्जन से अधिक गाँव आज फ्लोराइड की चपेट में हैं। इसी पर आधारित लोकसभा टीवी का विशेष कार्यक्रम।

Latest

बीएमसी ने पानी कटौती की घोषणा की; प्रभावित क्षेत्रों की पूरी सूची देखें

देहरादून और हरिद्वार में पानी की सर्वाधिक आवश्यकता:नितेश कुमार झा

भारतीय को मिला संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान

जल दायिनी के कंठ सूखे कैसे मिले बांधों को पानी

मुंबई की दूसरी सबसे बड़ी झील पर बीएमसी ने बनाया मास्टर प्लान

जल संरक्षण को लेकर वर्कशॉप का आयोजन

देश की जलवायु की गुणवत्ता को सुधारने में हिमालय का विशेष महत्व

प्रतापगढ़ की ‘चमरोरा नदी’ बनी श्रीराम राज नदी

मैंग्रोव वन जलवायु परिवर्तन के परिणामों से निपटने में सबसे अच्छा विकल्प

जिस गांव में एसडीएम से लेकर कमिश्नर तक का है घर वहाँ पानी ने पैदा कर दी सबसे बड़ी समस्या