फ्लोराइड प्रभावित कुक्षी और निसरपुर क्षेत्र में चिन्ताजनक स्थिति

Author:प्रेमविजय पाटिल

जिले के ग्रामीण क्षेत्र में जल स्रोतों से स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की योजनाएँ पूर्ण नहीं हो पा रही है।धार। जिले के प्रभारी मंत्री नरोत्तम मिश्र स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाने को लेकर गम्भीर है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पूर्व में भी कार्य में लापरवाही करने पर उन्होंने चिन्ता व्यक्त की थी। गत दिवस धार में जब उन्होंने विकास कार्यों की समीक्षा की तो 439 बसाहटों में केवल 111 बसाहटों में शुद्ध पानी देने पर नाराज़गी व्यक्त की थी। उन्होंने कहा है कि विभाग समय पर काम पूरा करे। जिले में अब फ्लोराइड मुक्त पानी के लिये प्रभावित जल स्रोतों को बन्द करने के लिये भी कवायद होना है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा फ्लोराइड युक्त पानी से लोगों को मुक्ति दिलाने में देरी की जा रही है। प्रभारी मंत्री श्री मिश्र जिला योजना समिति की बैठक से लेकर अन्य अवसरों पर इसके लिये पीएचई को फटकार चुके हैं। गत् गुरुवार को जिले के प्रभारी मंत्री ने एक बार फिर पीएचई के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि काम की प्रगति में तेजी लाई जाये।

कुक्षी, निसरपुर के साथ-साथ गंधवानी, धरमपुरी में भी योजनाओं को लेकर चिन्ता व्यक्त की गई है। श्री मिश्र ने पाया था कि कुक्षी और निसरपुर क्षेत्र में 439 बसाहटों में से मात्र 111 बसाहटों में ही पानी शुद्ध दिया जा रहा है।

 

 

समय सीमा का कोई ध्यान नहीं


इधर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा परियोजना के क्रियान्वयन के लिये समय सीमा का भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिले भर में दो अलग-अलग स्थानों पर कार्यों का बँटवारा किया गया है। धार और सरदारपुर में अलग-अलग मुख्यालय है। दोनों मुख्यालयों को तेजी से काम करने के लिये कहा गया है लेकिन अभी तक प्रगति नहीं हो पा रही है।

बड़ी संख्या में ऐसे स्थान है जहाँ पर फ्लोराइड युक्त पानी पीने के लिये मजबूर है। इस वजह से चिन्ता बनी रहती है। माना जा रहा है कि जब तक मैदानी स्तर पर कार्य की प्रगति नहीं होगी तब तक लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल सकता है। हालांकि विभाग इन कार्यों में आने वाली अड़चनों के बारे में अपने अधिकारियों से लेकर मंत्री को अवगत करा चुके हैं। विभाग चाहता है कि इसमें लोगों की सहभागिता हो जिससे कार्य समय पर व आसानी से पूरा हो सके।

 

 

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