प्रयागराज में लाखों खर्च करके बने सामुदायिक शौचालय हुए बदहाल

Author:रिपोर्ट अंकित तिवारी

  जनपद प्रयागराज में सिरसा नगर पंचायत में गंगा  प्रवाहित होती है जहाँ गंगा कच्चाड़ नगर पंचायत के अंतर्गत एक सरकारी सामुदायिक शौचालय बनवाया गया है।  सामुदायिक शौचालय के निर्माण के पीछे का  मकसद ये था कि, गाँव में जिनके पास शौचालय नहीं है वो उसका इस्तेमाल कर सके ताकि स्वच्छ भारत के संकल्प को सिद्ध किया जा सके और गाँव के लोगों के लिए भी ये शौचालय काम आये और इस शौचालय के लिए बकायदा एक संचालक की व्यवस्था भी की गई थी
शौचालय के अन्दर बाल्टी, पानी, साबुन हर एक उस चीज की व्यवस्था की गई थी जो एक शौचालय के लिए जरूरी होती है।  जिसपर लाखों रूपए खर्च किये गए  ऐसे शौचालय हर नगर पंचायत और ग्राम पंचायतो में  बनवाये गए।  


लेकिन यहाँ गंगा कच्चाड़ में हर साल बाढ़ आती है जिसकी वजह से ये समुदायिक शौचालय डूब जाता है जिसके लिए कुछ सामाजिक संगठन और NGO समय समय पर आंदोलन और प्रदर्शन भी करते रहते है।  अब सवाल ये है की जब सिरसा नगर पंचायत के तथाकथित चेयरमैन समेत अन्य अधिकारियों ये पता था की जहाँ वह शौचालय बनवा रहे है वह क्षेत्र बाढ़ से हर साल प्रभावित रहता है तो ऐसे में इस जगह को  शौचालय बनवाने के लिए क्यों चयनित किया गया। इस   शौचालय की  तस्वीरो में आप साफ देख सकते है किस तरह शौचालय गंदगी से लबालब है और बाढ़ के समय इस शौचालय की सारी गंदगी गंगा में समा जाती है जहाँ एक तरफ नमामी गंगे जैसे प्रोजेक्ट गंगा को साफ करने के लिए चलाये जा रहे है वही दूसरी तरफ इस तरह की लापरवाही आखिर कैसे हो रही है।  

 इस शौचालय को जिस जगह बनाया गया है वो ना सिर्फ सरकारी धन का दुरूपयोग है बल्कि ये एक किस्म का भ्रष्टाचार  भी है  स्थानीय जनप्रतिनिधि समेत आला अधिकारियों को भी इस मामले में विचार करना चाहिए कि गंगा में प्रवाहित हो रही इस गंदगी को कैसे रोका जाये और सामुदायिक शौचालय का निर्माण किसी ऐसी जगह पर किया जाय जहाँ इसका इस्तेमाल पूरे साल भर हो  सके। 

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