सब दिन बरसै दखिना बाय

Author:घाघ और भड्डरी

सब दिन बरसै दखिना बाय।
कभी न बरसै बरखा पाय।


भावार्थ- दक्खिनी हवा चलने पर सदैव पानी बरसता है किन्तु वर्षा के मौसम में दक्षिणी हवा चलने पर कभी भी पानी नहीं बरसेगा।

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