समुद्र की गोद में अंडमान-निकोबार

Author:डेली न्यूज एक्टिविस्ट डेस्क
Source:डेली न्यूज एक्टिविस्ट, 31 अगस्त 2014
अंडमान निकोबार द्वीपसमूह भारत का एक केंद्र शासित प्रदेश है। यह बंगाल की खाड़ी के दक्षिण में हिन्द महासागर में स्थित है। अंडमान एवं निकोबार लगभग 300 छोटे-बड़े द्वीपों का समूह है, जिसमें कुछ ही द्वीपों पर आबादी है। यहां की राजधानी पोर्ट ब्लेयर है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूहों का संघ राज्य क्षेत्र 60 और 140 उत्तरी अक्षांश और 920 तथा 940 पूर्वी देशांश के बीच स्थित है। ये द्वीप 100 उत्तरी अक्षांश पर स्थित हैं जिसे अंडमान द्वीप समूह कहते हैं जबकि 100 उत्तरी अक्षांश पर स्थित दक्षिणी द्वीप को निकोबार द्वीप समूह कहते हैं। इन द्वीपसमूहों का मौसम नम, उष्ण कटिबंधीय तटीय मौसम है। इन द्वीपों में दक्षिणी पश्चिमी और उत्तरी पूर्वी मानसून से वर्षा होती है। यहां मई माह से दिसंबर माह के बीच अधिकतम वर्षा होती है।

अंडमान और निकोबार केवल अपने सुंदर समुद्री तटों और स्कूबा डाइविंग के लिए ही नहीं प्रसिद्ध, बल्कि यहां के घने जंगलों में पाए जाने वाले कई प्रजाती के पक्षी और सुंदर फूल इसे एक उत्तम हनीमून स्थान बनाते हैं। अब तक यहां के घने जंगलों में लगभग 2200 प्रजाती के पेड़-पौधे पाए गएं हैं, जिनमें से 1300 प्रजातियां भारत में भी मौजूद नहीं हैं, जिसके कारण अंडमान-निकोबार द्वीप को एक अलग दर्जा प्राप्त है।सालों से मनुष्य, एकांत की तलाश में कई समुंद्री तटों की ओर खिंचा चला जाता है। चाहे वो ब्राजील के अमेजन हो या फिर इबिज के समुद्री तट, यहां के शांत वातावरण में मनुष्य एकांत प्राप्त करता है, जो विश्व के कुछ ही स्थानों में प्राप्त होती है। अगर आप भी, कुछ समय एकांत में बिताना चाहते हैं, तो अंडमान-निकोबार द्वीप एक सही स्थान है।

यह भारत की सबसे बड़ी अपतटीय यूनियन टेरेटरी है, जो भारत के दक्षिण में और बंगाल की खाड़ी के बीच है। 8000 वर्ग किमी में फैला यह द्वीप अपनी प्राकृतिक सौन्दर्य के कारण कई सैलानियों को अपनी छुट्टियां बिताने के लिए मजबूर करता है। अंडमान और निकोबार दो अलग द्वीप हैं जो एक-दूसरे से केवल 10 डिग्री नोर्थ लेटिटूड़ की दूरी पर है। पोर्ट ब्लेयर इन दोनों द्वीप का प्रवेश द्वार ही नहीं बल्कि यहां की राजधानी भी है। यह सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है। पोर्ट ब्लेयर के हवाई अड्डे से आप किसी अन्य परिवहन साधन द्वारा इन दोनों द्वीपों की सैर कर सकते हैं, इस सैर में सैलानी उत्तर से दक्षिण तक 800 किमी पानी के नीचे फैली पर्वत श्रृंखला देखेंगे। भारत के कुछ तटीय शहर जैसे चेन्नई, कोलकाता से यात्री समुंद्री जहाज से पोर्ट ब्लेयर जा सकते हैं।

ये दोनों द्वीप अपने साफ और सुंदर समुद्री तटों के लिए प्रसिद्ध है। यहां सैलानियों को स्कूबा डाइविंग का मौका मिलता है, जिसमें वे पानी के नीचे बसे कई जीव और अन्य प्रकार के पौधे देखते हैं। इसके साथ यहां और भी कई सुंदर पर्यटक स्थल है जिसे देख मनुष्य का मन मंत्रमुग्ध हो जाता है। इसकी यही खूबियों के कारण इसे “इको-फ्रेंडली” स्थान का दर्जा दिया गया है।

अंडमान और निकोबार केवल अपने सुंदर समुद्री तटों और स्कूबा डाइविंग के लिए ही नहीं प्रसिद्ध, बल्कि यहां के घने जंगलों में पाए जाने वाले कई प्रजाती के पक्षी और सुंदर फूल इसे एक उत्तम हनीमून स्थान बनाते हैं। अब तक यहां के घने जंगलों में लगभग 2200 प्रजाती के पेड़-पौधे पाए गएं हैं, जिनमें से 1300 प्रजातियां भारत में भी मौजूद नहीं हैं, जिसके कारण अंडमान-निकोबार द्वीप को एक अलग दर्जा प्राप्त है। यहां के स्थानीय लोगों ने पर्यटकों के विश्राम के लिए सुंदर विश्रामकक्ष बनाये हैं, ताकि वे पूरे वातावरण का भरपूर आनंद ले सकें।

अंडमान-निकोबार में सीप या शंख से बने कई वस्तुओं का बाजार लगता है। भारत के गोपनीय स्थानों में प्रख्यात, अंडमान-निकोबार अपने ट्रॉपिकल वातावरण के साथ एक उत्तम पर्यटक स्थल भी है। हैवलॉक द्वीप का राधानगर समुंद्री तट एशिया का सबसे सुंदर तट है। इस तट की खासियत है, इसका साफ नीला पानी और तट के आस-पास पाए जाने वाले कई सुंदर जीव जो भारत में भी नहीं पाए जाते हैं।

जौली बॉय द्वीप, अंडमान का प्रमुख पर्यटक स्थल है। जौली बॉय द्वीप के संग हैवलॉक और सिंक द्वीप मिलकर महात्मा गांधी मैरीन नेशनल पार्क का हिस्सा बनते हैं, जिसे वंडोर मैरीन नेशनल पार्क भी कहा जाता है। यह स्थान ईकोजों होने के साथ-साथ प्रदूषण रहित जगह भी है जिसके कारण इसका ट्रॉपिकल वातावरण सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां के समुद्र का साफ पानी, इसमें बस्ती मरीन लाइफ और यहां पाए जाते कई प्रकार के पेड़-पौधे इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं।

अंडमान-निकोबार जाने के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। भारत से पोर्ट ब्लेयर के वीर सावरकर हवाई अड्डे के लिए कोलकाता, भुवनेश्वर और चेन्नई जैसे शहरों से कई उड़ाने उपलब्ध हैं। शिप्पिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने निकोबार के पोर्ट ब्लेयर के लिए चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर के लिए महीने में दो बार और विजाग से पोर्ट ब्लेयर तीन महीने में एक बार एमी.वी.नेनकोय नमक समुंद्री जहाज की सेवा उपलब्ध कराई है।