सफलता की कहानी, भाग -2

Author:सुनील चतुर्वेदी, सोनल शर्मा
Source:पानी का अर्थशास्त्र (रेवासागर अध्ययन रिपोर्ट)
मैं, कृषक जय सिंह पिता राम सिंह ग्राम मेंढकी धाकड़ जिला देवास विगत वर्षों में वर्षा कम होने से लगातार बोवनी का रकबा कम होता गया तथा पिछले वर्षों में मैंने करीब 6 नलकूप 300 फिट तक खनन करवाए लेकिन पर्याप्त पानी प्राप्त नहीं हो रहा था। मैं आर्थिक रूप से कमजोर होता जा रहा था। पिछले दिनों का बैंक तथा संस्थाओं का कर्जा भी बढ़ता जा रहा था। मैं बहुत परेशान था। इसी बीच श्रीमान उमाकांत उमराव कलेक्टर द्वारा प्रोत्साहित करने पर मेरे द्वारा करीब 0.75 हेक्टेयर में करीब 15 फिट गहरा तालाब कराया जिसकी लागत करीब 2.50 लाख रूपया आई। इस वर्ष अच्छी बारिश होने से तालाब पूरी तरह भर गया है।

इस वर्ष मेरे द्वारा 40 हेक्टर में गेहूं तथा 5 हेक्टर रकबा में चना फसल बो सकूंगा। इस वर्ष करीब 1.50 लाख रू. मूल्य का गेहूं एवं करीब 1.50 लाख के करीब चना डालर हो जाएगा। इससे मुझे बहुत अधिक लाभ होने की संभावना है।

जयसिंह पिता राम सिंह, ग्राम मेंढकी धाकड़, जिला देवास (म.प्र.)

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