सफलता की कहानी, भाग-6

Author:सुनील चतुर्वेदी, सोनल शर्मा
Source:पानी का अर्थशास्त्र (रेवासागर अध्ययन रिपोर्ट)

रेवा सागर ने असिंचित को भी सिंचित किया।



मेरे द्वारा अपनी ज़मीन में लगभग 20 से 22 जगह नलकूप खनन कराए लेकिन उनमें मात्र 2 ही पानी दे रहे हैं। इनमें मेरे द्वारा लगभग 4 से 5 लाख रूपये का खनन खर्च किया जा चुका है लेकिन मेरे द्वारा अपने खेत पर लगभग 4 एकड़ भूमि तालाब निर्मित किया गया। तब से मैं अभी तक 35 से 40 एकड़ भूमि पर रबी बोवनी हेतु सिंचाई कर चुका हूं एवं आस पास के नलकूप व कुओं का जल स्तर भी लगातार बढ़ रहा है साथ ही मुझे अपनी कृषि भूमि पर एक सिंचाई करने की ओर भी संभावना है। इस तालाब से मैंने अपनी असिंचित भूमि को सिंचित किया है व इसी तालाब से और अधिक सिंचाई क्षेत्र बढ़ने की संभावना है।

अतः मेरा समस्त कृषक भाईयों से अनुरोध है कि जिस तरह मैंने अपनी असिंचित भूमि को तालाब द्वारा सिंचित किया है। वैसे ही आप लोग भी अधिक से अधिक अपने खेतों पर तालाब निर्माण करवाकर अपनी असिंचित भूमि को सिंचित कर सकते हैं।

अशोक सिंह पिता श्री सूरत सिंह यादव, भागीरथ कृषक, निवासी-खातेगांव, जिला देवास (म.प्र.)

Latest

भारत में क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस

वायु प्रदूषण कम करने के लिए बिहार बना रहा है नई कार्ययोजना

3.6 अरब लोगों पर पानी का संकट,भारत भी प्रभावित: विश्व मौसम विज्ञान संगठन

अब गंगा में प्रदूषण फैलाना पड़ेगा महंगा!

बीएमसी ने पानी कटौती की घोषणा की; प्रभावित क्षेत्रों की पूरी सूची देखें

देहरादून और हरिद्वार में पानी की सर्वाधिक आवश्यकता:नितेश कुमार झा

भारतीय को मिला संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान

जल दायिनी के कंठ सूखे कैसे मिले बांधों को पानी

मुंबई की दूसरी सबसे बड़ी झील पर बीएमसी ने बनाया मास्टर प्लान

जल संरक्षण को लेकर वर्कशॉप का आयोजन