सुदि असाढ़ में बुध को

Author:घाघ और भड्डरी

सुदि असाढ़ में बुध को, उदै भयो जो देख।
सुक्र अस्त सावन लखो, महाकाल अवरेख।।


भावार्थ- यदि आसाढ़ शुक्ल में बुध उदय हो और श्रावण मास में शुक्र अस्त हो तो निश्चय ही भीषण अकाल पड़ेगा।

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