स्वामी सानंद को जबरन अस्पताल पहुँचाया

Author:इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
Source:इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)


अनशन में बोलते हुए स्वामी सानंदअनशन में बोलते हुए स्वामी सानंद अनशन का 19वाँ दिन

गंगा की रक्षा के लिये पिछले 19 दिनों से आमरण अनशन कर रहे 86 वर्षीय स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद को जिला प्रशासन ने मातृ सदन से जबरन उठा लिया। प्रशासन ने मंगलवार को सुबह ही अनशन स्थल पर धारा 144 लगा दिया था। इस आदेश से सम्बन्धित पत्र आश्रम के संचालकों को आज सुबह जारी किया गया था और शाम होने से पहले ही उन्हें जबरन वहाँ से उठा लिया गया। खबर लिखे जाने तक मिली जानकारी के अनुसार स्वामी सानंद को हरिद्वार से देहरादून लाया गया है और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए प्रशासन ने उन्हें दून हॉस्पिटल में भर्ती कराया है।

स्वामी जी से जुड़े लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन ने यह कदम हरिद्वार के सन्त समाज और देश भर के पर्यावरण प्रेमियों में स्वामी सानंद के अनशन के पक्ष में बनते माहौल को देखकर उठाया है। गंगा संरक्षण से सम्बन्धित स्वामी सानन्द की माँगों को सरकार द्वारा अब तक कोई तवज्जो नहीं दिये जाने के मद्देनजर सन्त समुदाय, पर्यावरणविद, वैज्ञानिकों आदि ने 11 जुलाई को दिल्ली के राजघाट पर धरना देने का निर्णय लिया है। दिल्ली के अलावा देश के तमाम राज्यों की राजधानियों में भी धरना देने की योजना है।

स्वामी ज्ञान स्वरूप सानन्द सह प्रोफेसर जीडी अग्रवाल उत्तराखण्ड की नदियों के ऊपरी बहाव क्षेत्र में बनाये जा रहे अथवा प्रस्तावित बाँधों के निर्माण को बन्द करने, गंगा नदी के कुम्भ क्षेत्र में खनन बन्द करने, गंगा एक्ट 2012 को संसद के मानसून सत्र पास करने और गंगा भक्त परिषद के गठन की माँग को लेकर 22 जून से आमरण अनशन पर हैं।

 

स्वामी जी के अनशन से जुड़ी न्यूज को पढ़ने के लिये नीचे दिये लिंक पर क्लिक करें

 

 

गंगापुत्र ने प्राण की आहूति का लिया संकल्प

सरकार की गंगा भक्ति एक पाखण्ड

सानंद ने गडकरी के अनुरोध को ठुकराया 

बन्द करो गंगा पर बाँधों का निर्माण - स्वामी सानंद

सरकार नहीं चाहती गंगा को बचाना : स्वामी सानंद

मोदी जी स्वयं हस्ताक्षरित पत्र भेजें तभी टूटेगा ये अनशन : स्वामी सानंद

नहीं हुई वार्ता

अनशन के 30 दिन हुए पूरे

प्रशासन ने सानंद को मातृ सदन पहुँचाया

Latest

गंगा का पानी प्लास्टिक और माइक्रोप्लास्टिक से प्रदूषित, अध्ययन में पता चला

शेरनी:पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण पर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास

जलवायु परिवर्तन के संकट से कैसे लड़ रहे है पहाड़ के किसान

यूसर्क द्वारा “वाटर एजुकेशन लेक्चर सीरीज” के अंतर्गत “जल स्रोत प्रबंधन के सफल प्रयास पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन

वर्ल्ड एक्वा कांग्रेस 15वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

कोविड-19 के जोखिम को बढ़ा सकता है जंगल की आग से निकला धुआं: अध्ययन 

गौरैया को मिल गया नया आशियाना

गंगा की अविरलता और निर्मलता को स्थापित करने के लिये वर्चुअल मीटिंग का आयोजन 

चरखा ने "संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स 2020" सम्मान समारोह का किया आयोजन

पर्यावरण संरक्षण, खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक है हरेला