टीडीएस क्या है,इसकी गणना कैसे होती है

Author:शिवेंद्र

टीडीएस क्या है?

पानी में घुली हुई सभी चीजों को टीडीएस (टोटल डिसॉल्वर्ड सॉलिड्स) कहते हैं। इसमें सॉल्ट, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, सोडियम, कार्बोनेट, क्लोराइड आदि आते हैं। ड्रिंकिंग वॉटर को रोलिंग के लिए टीडीएस पीएच और कठोरता लेवल देखा जाता है। बीआईएस (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) के मुताबिक, मानव शरीर अधिकतम 500 पीपीएम (पार्ट्स प्रति मिलियन) टीडीएस सहन कर सकता है। अगर यह लेवल 1000 पीपीएम हो जाता है तो शरीर के लिए नुकसानदेह हैं। लेकिन वर्तमान में आरओ से फिल्टर्ड पानी में 18 से 25 पीपीएमएम टीडीएस मिल रहा है जो काफी कम है। यह ठीक नहीं माना जा सकता है। 

बीआईएस मानक
टीडीएस: 0-500 पीपीएम
पीएच स्तर: 6.5-7.5

डब्ल्यूएचओ मानक
- पानी में 300 से कम टीडीएस है तो उसे एक्सेलेंट कैटिगरी का माना जाता है।
- 600 से 900 के बीच के टीडीएस को फेयर कैटिगरी में माना जाता है।
- 1200 से ज्यादा के टीडीएस वाले पानी को खराब कैटिगरी में माना जाता है।