वाटर इमरजेंसी कंट्रोल रूम

Author:नवोदय टाइम्स
Source:नवोदय टाइम्स, 30 अप्रैल 2016

.नई दिल्ली 29 अप्रैल 2016 (ब्यूरो) गर्मी के मद्देनजर दिल्ली जल बोर्ड ने उपनगरी द्वारका में पानी की समस्याओं के समाधान के लिये आपातकालीन कंट्रोल रूम बनाने का निर्णय लिया है। इस कंट्रोल रूम में स्टाफ की संख्या दूसरे कंट्रोल रूम की अपेक्षा ज्यादा होगी ताकि पानी से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का समाधान जल्दी और बेहतर तरीके से किया जा सके। बोर्ड द्वारा जारी किए गए समर एक्शन प्लान के मुताबिक द्वारका में बोर्ड के अधिकारियों के बीच बातचीत के जरिए और ज्यादा मजबूत व प्रभावी बनाने के लिये टेलीफोन की सुविधा भी बढ़ाई जाएगी ताकि फोन के जरिए सम्पर्क कर अधिकारी पल-पल की पानी से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकें।

लोगों द्वारा की जाने वाली शिकायतों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। बता दें कि द्वारका में पहले दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की ओर से पानी सप्लाई किया जाता था लेकिन अब जल बोर्ड ने यहाँ पानी की आपूर्ति करने का जिम्मा सम्भाल लिया है। इसी के चलते अब द्वारका सेक्टर-3 के मधु विहार में पानी का नया आपातकालीन कंट्रोल रूम खोला जाएगा। नोडल ऑफिसर्स को लोगों की शिकायतों का समाधान करने के लिये नियुक्त किया जाएगा।

पानी नहीं आने की मिली 35 हजार शिकायतें


दिल्ली में गंदे पानी से ज्यादा बड़ी समस्या पानी की आपूर्ति नहीं होने की है। दिल्ली जल बोर्ड को आठ महीने में प्राप्त हुई पानी से जुड़ी तमाम समस्याओं से इस बात का खुलासा हुआ है। आठ महीने में बोर्ड के पास पानी नहीं आने की कुल 35027 शिकायतें पहुँची, जिनमें से 34872 शिकायतों का समाधान कर लिया गया। उधर गंदा पानी आने की कुल 25912 शिकायतें मिली। राजधानी के अलग-अलग इलाकों से लोगों ने जल बोर्ड के पास शिकायतें पहुँचाई थी, जिसके बाद अधिकारियों ने जाँच-पड़ताल कर शिकायतों का समाधान किया।

घरों से पानी भर कर ले जाने को मजबूर हैं स्कूली छात्र


वेस्ट दिल्ली, 29 अप्रैल (ब्यूरो) ः गर्मी शुरू होते ही राजधानी में पीने के पानी की किल्लत शूरू हो गई है। बाहरी दिल्ली के रिहायशी इलाकों के साथ ही स्कूली छात्र भी पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। मुंडका स्थित वार्ड 30 के निगम प्रतिभा विद्यालय में पानी की आपूर्ति पिछले काफी दिनों से ठप है। पीने के पानी की व्यवस्था ठीक न होने से स्कूल में पढ़ने वाले करीब 900 से अधिक छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों को अपने घरों से पीने के लिये पानी ले कर जाना पड़ रहा है। लेकिन निगम प्रशासन द्वारा समस्या के समाधान के लिये कोई प्रयास नहीं किया गया। अब गर्मी बढ़ने के बाद परेशानी भी बढ़ गई है। स्कूल की प्रधानाचार्य ने इस बारे में लिखित रुप से क्षेत्र के विधायक को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराए जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। यही हाल आस-पास की कॉलोनियों का भी है।