वृक्षारोपण से होगा दूषित पर्यावरण में सुधार

Author:देव चौहान

पिछले दो साल पर्यावरण की दृष्टि से अभी तक के पृथ्वी इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण माने जा सकते है क्योंकि इन दो सालों में जिस तरह कोरोना ने के प्रकोप से पर्यावरण को सुरक्षा मिली है ऐसी सुरक्षा मानवजाती इससे पहले कभी प्रकृति को प्रदान नही कर पाई क्योंकि कोरोना ने लॉक डाउन दिया और आर्तव्यवस्था के पहिये जाम हो गए सारे कारोबार बंद हो गए और गाड़ियों के चके जाम हो गए उद्योग की रफ्तार पर बरेअक लगा और इस तरह से पर्यावरण को साफ होने में एक खास किस्म का सहयोग मिला 

आज 5 जून है और साल 2021 का ये पर्यावरण दिवस हम lलॉकडाउन के तहत मना रहे है  हम सभी को मिलकर अपने पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि स्वस्थ एवं सुरक्षित पर्यावरण के बिना समाज की कल्पना भी अधूरी है। हर साल लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है

हमारे जीवन में कई चीजों का महत्व है, जिसमें से एक हमारा पर्यावरण भी है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम अपने पर्यावरण की रक्षा करें, लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि इंसान ही सबसे ज्यादा पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। पेड़ों की कटाई से लेकर घने जंगलों को सपाट बनाने जैसे कई काम इंसानों ने ही किए हैं। हर साल काफी बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाते हैं जो कि पूरी तरह गलत है। ऐसे में विश्व पर्यावरण दिवस हमें इन सब चीजों के दुष्प्रभाव के बारे में बताने और पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का काम करता है।

लोगों को हमारे पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रेरित करने, पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और सचेत करने के उद्देश्य से हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। हर साल इस दिन को मनाने के लिए एक थीम रखी जाती है, जिसके आधार पर ही इस दिन को मनाया जाता है। ठीक ऐसे ही इस साल 2021 में भी इस दिन के लिए थीम रखी गई है।

दरअसल, साल 1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन में इस दिन को लेकर चर्चा की गई। वहीं, इसके बाद 5 जून 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया, जिसके बाद हर साल 5 जून को प्रकृति का ये दिन मनाया जाता है। हर साल की तरह इस साल भी विश्व पर्यावरण दिवस के लिए थीम रखी गई है और साल 2021 की थीम पारिस्थितिकी तंत्र बहाली है। पारिस्थितिक तंत्र की बहाली कई रूप में हो सकती है, जैसे- पेड़ उगाना, शहर को हरा-भरा करना, बगीचों को फिर से बनाना, नदियों और तटों की सफाई करना आदि। हर किसी को इस दिन पर्यावरण की बहाली का संकल्प लेना चाहिए।

इस बात से बिल्कुल इंकार नहीं किया जा सकता कि संपूर्ण मानवता का अस्तित्व प्रकृति पर ही निर्भर है। इसलिए हमें समय रहते एक स्वस्थ एवं सुरक्षित पर्यावरण की कल्पना करनी चाहिए। प्रकृति को बचाने के लिए सिर्फ एक अकेला व्यक्ति काफी नहीं है, ऐसे में हम सब को मिलकर कुछ संकल्प लेने होंगे जिनसे हम अपने पर्यावरण को फिर से हरा-भरा कर सके।हर किसी को साल में कम से कम एक या दो बार एक पौधे जरूर लगाने चाहिए और उनकी देखरेख भी करनी चाहिए। साथ ही ये संकल्प लेना चाहिए कि वो नदी, तालाबों और पोखर को प्रदूषित नहीं करेंगे। इसके अलावा कूड़े-कचरे को कहीं भी फेंकने की जगह पर उसे कूड़ेदान में ही डालें, ताकि आप पर्यावरण की रक्षा कर पाएं।